Kl University में अब इनोवेशन केवल अंतिम वर्ष के प्रोजेक्ट या रिसर्च लैब तक सीमित नहीं रह गया है। यहां पढ़ने वाले छात्र अपने पहले ही साल से नए विचारों पर काम करना शुरू कर रहे हैं और उन्हें सही मंच भी मिल रहा है। इसका ताजा उदाहरण हैं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र एमडी अब्बू बकर, जिनके स्टार्टअप आइडिया को ₹6,00,000 की सीड फंडिंग मिली है।
यह फंडिंग उन्हें विजयवाड़ा स्थित, Best Universities in India, KLEF इनक्यूबेशन सेंटर की ओर से दी गई है। खास बात यह है कि जब अधिकतर छात्र पहले साल में कॉलेज के माहौल को समझने और पढ़ाई में ढलने में लगे रहते हैं, उसी समय अब्बू बकर का आइडिया संस्थान और इनक्यूबेशन सेंटर का भरोसा जीतने में सफल रहा। यह भरोसा इस बात का संकेत है कि उनका विचार सिर्फ नया ही नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
KLEF इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा यह सहयोग DST–NIDHI पहल के तहत दिया गया है। इस पहल का मकसद छात्रों और युवाओं को शुरुआती स्तर पर अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद करना है। इस समर्थन ने अब्बू बकर को न सिर्फ आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। अब वे अपने आइडिया को और बेहतर बनाने, उसे सही दिशा में आगे बढ़ाने और समाज के लिए उपयोगी समाधान तैयार करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं।
इस सफलता के पीछे सिर्फ एक छात्र की मेहनत ही नहीं, बल्कि एक मजबूत मार्गदर्शन व्यवस्था भी है। KL University में फैकल्टी मेंटर्स और KLTIF की भूमिका बहुत अहम रही है। इन मेंटर्स ने न केवल तकनीकी सलाह दी, बल्कि यह भी सिखाया कि किसी विचार को जिम्मेदारी, धैर्य और स्पष्ट सोच के साथ कैसे आगे बढ़ाया जाए। सही समय पर सही मार्गदर्शन मिलने से नवाचार की राह आसान हो जाती है।
मेंटर्स का मानना है कि नए विचार तभी सफल होते हैं, जब उन्हें सही दिशा और समय दिया जाए। इसी सोच के साथ छात्रों को लगातार प्रोत्साहित किया जाता है कि वे डरें नहीं, सवाल पूछें और नए समाधान खोजें। अब्बू बकर की यात्रा इसी सोच का परिणाम है, जहां सीखने और करने का संतुलन साफ दिखाई देता है।
KL University का कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखता। यहां शुरू से ही छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर सोचने और काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और समाज की जरूरतों को समझने पर जोर दिया जाता है। इससे छात्रों में शुरुआत से ही प्रैक्टिकल सोच विकसित होती है।
आज के समय में जब टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है, ऐसे में शुरुआती स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देना बहुत जरूरी हो गया है। Kl University इस दिशा में एक मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है। यहां का माहौल छात्रों को यह विश्वास देता है कि अगर उनका विचार सही है और वे मेहनत करने को तैयार हैं, तो उन्हें समर्थन जरूर मिलेगा।
एमडी अब्बू बकर की यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा है। यह दिखाती है कि उम्र या साल मायने नहीं रखता, बल्कि सोच और मेहनत मायने रखती है। सही मार्गदर्शन, संस्थान का सहयोग और खुद पर भरोसा हो, तो पहले साल का छात्र भी स्टार्टअप की दुनिया में मजबूत कदम रख सकता है।
कुल मिलाकर, KL University में नवाचार की यह शुरुआत आने वाले समय में और कई नए विचारों और स्टार्टअप्स को जन्म देगी। यह पहल न सिर्फ छात्रों के भविष्य को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज और देश के लिए भी उपयोगी समाधान तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।